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सिर्फ़ सिंदूर नहीं, भारत ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ कई ऑपरेशन किए हैं, क्या अब सुधार होगा?

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव दशकों पुराना है, जिसमें कई युद्ध, संघर्ष और कूटनीतिक उतार-चढ़ाव शामिल हैं। यहाँ हम एक टाइमलाइन दे रहे हैं:

1947: भारत-पाकिस्तान विभाजन और पहला युद्ध

भारत और पाकिस्तान का विभाजन हुआ, जिसके बाद जम्मू-कश्मीर को लेकर दोनों देशों के बीच पहला युद्ध छिड़ गया। पाकिस्तान समर्थित कबाइली मिलिशिया ने कश्मीर पर हमला किया, जिसके जवाब में महाराजा हरि सिंह ने भारत से मदद माँगी और राज्य का भारत में विलय किया। जनवरी 1949 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से संघर्ष विराम लागू हुआ, जिससे नियंत्रण रेखा (LoC) का गठन हुआ

1965: ऑपरेशन जिब्राल्टर और दूसरा युद्ध

पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन जिब्राल्टर’ के तहत हज़ारों सैनिकों को भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने भेजा, जिससे 5 अगस्त 1965 को सशस्त्र संघर्ष शुरू हुआ। भारत ने जवाबी हमला किया, जिससे युद्ध अंतरराष्ट्रीय सीमा तक फैल गया। 23 सितंबर 1965 को सोवियत संघ और अमेरिका की मध्यस्थता से युद्ध विराम हुआ।

1971: बांग्लादेश मुक्ति संग्राम

पूर्वी पाकिस्तान में पाकिस्तानी सेना के दमन के कारण भारत ने बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम का समर्थन किया। इसका कारण था कि बांग्लादेश, तब के पूर्वी पाकिस्तान, से एक करोड़ से अधिक शरणार्थी भारत आ गए थे। इससे भारत में आंतरिक समस्या खड़ी हुई जो, हालाँकि आज तक जारी है। अंततः 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान ने आत्मसमर्पण किया, जिससे बांग्लादेश एक स्वतंत्र राष्ट्र बना।

1999: करगिल युद्ध

पाकिस्तानी सैनिकों और आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के कारगिल क्षेत्र में ऊँचाई वाली चोटियों पर कब्ज़ा कर लिया। भारत ने ‘ऑपरेशन विजय’ के तहत जवाबी कार्रवाई की और जुलाई 1999 तक क्षेत्र को पुनः प्राप्त कर लिया।

2016: उरी हमला और सर्जिकल स्ट्राइक

18 सितंबर 2016 को जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने उरी में भारतीय सेना के ब्रिगेड मुख्यालय पर हमला किया, जिसमें 19 सैनिकों की जान गई। भारत ने जवाब में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में सर्जिकल स्ट्राइक की।

2019: पुलवामा हमला और बालाकोट स्ट्राइक

14 फरवरी 2019 को पुलवामा में आत्मघाती हमले में 40 भारतीय जवान मारे गए। भारत ने 26 फरवरी को बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर हवाई हमला किया। पाकिस्तान ने जवाबी घुसपैठ की कोशिश की। भारत ने जवाब दिया। इसमें पाकिस्तान के एक जंगी जहाज़ के नष्ट होने की बात आई। भारत ने भी अपना एक मिग विमान खोया जिसके फ़ाइटर चालक अभिनंदन वर्तमान पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर में पैराशूट से कूदे और पकड़े गए। इसके बाद असली तनाव शुरू हुआ। पाकिस्तान को धमकी दी गई कि अगर अभिनंदन को छोड़ा नहीं गया तो इसके परिणाम भुगतने होंगे। पाकिस्तान ने ग्रैंड पोस्चरिंग की लेकिन अभिनंदन को छोड़ दिया।

2025: पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर

22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में आतंकियों ने 26 पर्यटकों की हत्या कर दी। भारत ने जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और PoK में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया। पाकिस्तान ने जवाब देने की सोची, ड्रोन और जहाज़ भेजे। भारत ने आक्रमण की तीव्रता बढ़ा दी। चार दिन में पाकिस्तान ने शांति प्रस्ताव भेजा। भारत ने जवाब में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर बस अल्प-विराम में है और पाकिस्तान की गतिविधियों पर दृष्टि बनाए हुए है। भारत में अगली कोई भी आतंकी घटना पाकिस्तान की तरफ़ की गई युद्ध-कार्रवाई समझी जाएगी।

भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव का यह सिलसिला जारी है, जिसमें कूटनीतिक प्रयासों के बावज़ूद संघर्ष विराम उल्लंघन और आतंकवादी घटनाएँ होती रही हैं। क्या भविष्य में भारत और पाकिस्तान के संबंधों में सुधार होगा, इस प्रश्न पर दुनियाभर में विवेचना चल रही है, और संसारभर की सुरक्षा एजेंसियाँ निगाह गड़ाए बैठी हैं।

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